पश्चिम एशिया संकट पर CCS बैठक, ऊर्जा और आपूर्ति पर पीएम मोदी की समीक्षा

Thu 16-Apr-2026,02:04 PM IST +05:30

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पश्चिम एशिया संकट पर CCS बैठक, ऊर्जा और आपूर्ति पर पीएम मोदी की समीक्षा PM-Modi-CCS-Meeting-Energy-Supply-West-Asia-Crisis
  • प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में CCS बैठक में पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा की गई।

  • सरकार ने आम नागरिकों पर असर कम करने, कीमतें स्थिर रखने और आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

Delhi / Delhi :

Delhi/ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार सतर्क नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई CCS की विशेष बैठक में ऊर्जा, उर्वरक, खाद्य और लॉजिस्टिक्स से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। यह इस विषय पर दूसरी महत्वपूर्ण बैठक थी, जो सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।

बैठक में कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने विभिन्न देशों से आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने एलपीजी की कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए ‘एंटी-डायवर्जन’ अभियान चलाया जा रहा है। पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं, जिससे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता बेहतर हो सके।

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने 7-8 गीगावाट गैस आधारित पावर प्लांट्स को गैस पूलिंग से छूट देने और थर्मल पावर स्टेशनों तक कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इससे गर्मियों में बिजली संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यूरिया उत्पादन को बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस के आयात के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाया है। राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करें।

खाद्य कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और राज्यों के साथ निरंतर संवाद किया जा रहा है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई कर कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार ने वैश्विक स्तर पर आपूर्ति स्रोतों को विविध बनाने के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित जहाज आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी तेज किए हैं। इससे ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों पर इस वैश्विक संकट का असर न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने अफवाहों और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए सटीक जानकारी के प्रसार पर भी जोर दिया।

सरकार की यह रणनीति दर्शाती है कि भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अपनी आंतरिक स्थिरता और आपूर्ति सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।